सुप्रीम कोर्ट ने भंसाली से क्यों कहा ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ का नाम बदल सकता है क्या?

गंगूबाई काठियावाड़ी रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है. फिल्म को लेकर रोज कोई न कोई नया विवाद सामने आ रहा है. कभी फिल्म के नाम को लेकर विवाद हो रहा है तो कभी फिल्म में गंगूबाई को सेक्स वर्कर के तौर दिखाए जाने का विरोध हो रहा है. फिल्म के नाम को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया. फिल्म दो दिन बाद रिलीज होने वाली है लेकिन रिलीज से पहले ही कानूनी पचड़े में फंस गई है. जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस जेके माहेश्वरी की पीठ ने फिल्म के निर्माता संजय लीला भंसाली प्रोडक्शन को सुझाव दिया है कि क्या इस फिल्म का नाम बदला जा सकता है?

गंगूबाई के दत्तक पुत्र बाबूजी रावजी शाह ने इस फिल्म के नाम सहित कई बिंदुओं पर आपत्ति जताते हुए फिल्म की रिलीज रोकने की गुहार लगाई है. याचिका में इस फिल्म को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं. जिसपर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. अदालत ने फिल्म के निर्माता से पूछा कि क्या वो फिल्म का नाम बदल सकते हैं क्योकि फिल्म पर रोक को लेकर देश के विभिन्न अदालतों में कई मामले साल भर से ज्यादा समय से लंबित हैं. गुरुवार को भी सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी.

हुसैन जैदी की किताब माफिया क्वींस ऑफ मुंबई के मुताबिक गंगूबाई काठियावाड़ी गुजरात की रहने वाली 16 साल की भोली भाली लड़की थी जिसने अपने से ज्यादा उम्र वाले लड़के से प्यार किया था. घर वालों के खिलाफ जाकर गंगूबाई ने अपने प्यार से शादी कर ली. गंगूबाई उसके साथ मुंबई आ गई. रमणीक ने उन्हें मुंबई की मशहूर कमाठीपुरा रेड लाइट एरिया की कोठे वाली को 500 रुपये में बेच दिया.

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