फ़ातिमा पेमैन ने ऑस्ट्रेलिया में रचा इतिहास, चुनाव जीतकर संसद पहुंचे वाली पहली हिजाबी महिला

नई दिल्लीः जिस वक्त भारत में मुस्लिम छात्राओं द्वारा हिजाब को लेकर बहस चल रही है, ठीक उसी समय ऑस्ट्रेलिया की संसद में हिजाब पहनने वाली पहली मुस्लिम महिला सांसद की एंट्री हुई है। महिला सांसद का नाम फातिमा पेमैन है। उन्होंने पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की छठी और अंतिम सीनेट सीट जीती है। फ़ातिमा पहली अफगान-ऑस्ट्रेलियाई और संसद में हिजाब पहनने वाली पहली मुस्लिम महिला बन गई हैं।

इत्तेफ़ाक ही है कि अफगानिस्तान की एक पूर्व शरणार्थी, फ़ातिमा पेमैन की जीत विश्व शरणार्थी दिवस पर हुई। लिबरल सीनेटर माइकलिया कैश और डीन स्मिथ के साथ, लेबर सीनेटर सू लाइन्स और ग्लेन स्टर्ल के फिर से चुने जाने के बाद, वह राज्य की एकमात्र नई सीनेटर हैं।

खुशी से फूली नहीं समा रहीं फ़ातिमा

अंतिम सीट ग्रीन सीनेटर डोरिंडा कॉक्स के पास है, जो 2021 में सीनेट में WA का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली स्वदेशी महिला बनीं। फ़ातिमा पेमैन सोमवार को अपनी जीत के बाद खुशी से फूली नहीं समा रहीं हैं। फ़ातिमा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “हम जीत गए… मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि मुझे आधिकारिक तौर पर पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के लिए एक सीनेटर के रूप में चुना गया है, आपके प्यार और समर्थन के लिए आप सभी का धन्यवाद! हमने कर दिखाया!”

फ़ातिमा की जीत पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने भी औपचारिक रूप से ट्विटर कर बधाई दी है। प्रधानमंत्री एंथनी ने लिखा कि “बधाई सीनेटर पेमैन।” बता दें कि फ़ातिमा पेमैन ऑस्ट्रेलिया के पर्थ के उत्तरी उपनगरों में परवरिश पाने से पहले, अपने माता-पिता और तीन भाई-बहनों के साथ एक बच्चे के रूप में अफगानिस्तान से एक शरणार्थी के रूप में पहुंचीं थीं। शुरुआती वर्षों में, उनके पिता ने चौबीसों घंटे रसोई के हाथ, एक सुरक्षा गार्ड और एक टैक्सी चालक के रूप में काम किया। उसके बाद ड्राइविंग सिखाने का अपना छोटा व्यवसाय शुरू किया, इस दौरान उनकी माँ ने परिवार की देखभाल की।

पिता से मिली प्रेरणा

जब वह छोटी थी, तब अपने माता-पिता की कड़ी मेहनत से प्रेरित होकर, फ़ातिमा पेमैन यूनाइटेड वर्कर्स यूनियन के लिए एक आयोजक बन गईं और 2018 में अपने पिता को ल्यूकेमिया में खोने के बाद, उन्होंने फैसला किया कि वह उनके जैसे मेहनती ऑस्ट्रेलियाई लोगों का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं। इसके लिये उन्होंन जी तोड़ मेहनत की है। फ़ातिमा महिलाओं, युवाओं और सांस्कृतिक रूप से विविध समुदायों के लिए बाधाओं को तोड़ने के बारे में भावुक हैं।

फ़ातिमा को उनके साथी लोगों ने भी बधाई दी हैं। डब्ल्यूए सांसद पैट्रिक गोर्मन ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि “मुझे बहुत गर्व है कि हमारा राज्य कैनबरा में हमारा प्रतिनिधित्व करने के लिए फातिमा को भेज रहा है।” फ़ातिमा अफगानिस्तान से सांस्कृतिक जुड़ाव वाली एक ऑस्ट्रेलियाई मुस्लिम है।

ऑस्ट्रेलिया में अफगान दूतावास ने कहा कि विश्व शरणार्थी दिवस पर यह खबर सुनकर खुशी हुई। अफगान दूतावास ने कहा कि “इस #WorldRefugeeDay पर हमें यह सुनकर खुशी हो रही है कि फातिमा पेमैन, जो एक अफगान शरणार्थी हैं, वे अब एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं, ने ऑस्ट्रेलिया संसद सीनेट की ओर अपना रास्ता बना लिया है। बहुत बधाई, सीनेटर फातिमा पेमैन!”

ऑस्ट्रेलियन इस्लामिक कॉलेज पर्थ ने ट्विटर पर नए सीनेटर को बधाई देते हुए एक वीडियो पोस्ट की है। इस वीडियो में फातिमा पेमैन मुस्लिम छात्रों के एक समूह को सलाह दे रही थीं।

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