यूक्रेन संकटः खरकीव में भारतीय छात्र की मौत, रूस के हमले ने भारत को भी दे दिया जख्म

यूक्रेन पर रूस के सैन्य कार्रवाई के दौरान भारत के लिए एक दुखद घटनाक्रम में कर्नाटक के छात्र नवीन एसजी की गोलाबारी में मौत हो गयी है. विदेश मंत्रालय ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर कहा,“ बड़े दुख के साथ हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि खारकीव शहर में आज सुबह गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की मौत हो गयी। मंत्रालय परिवार के साथ संपर्क में है.

बागची ने कहा,“ हम छात्र के परिवार के प्रति गहरी संवदेना व्यक्त करते हैं.” गौरतलब है कि यूक्रेन में भारत के करीब 18 हजार विद्यार्थी हैं जिन्हें वापस लाने के लिए सरकार ‘आपरेशन गंगा’ चला रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अभियान में वायुसेना की मदद लिए जाने को भी कहा है. वहां फंसे भारतीय नागरिकों को पश्चिमी यूक्रेन से लगे रोमानिया, हंगरी, पोलैंड जैसे देशों में प्रवेश करने को कहा गया है, जहां से भारतीय अधिकारी उनकी वापसी यात्रा का प्रबंध कर रहे हैं और इस काम में सहयोग के लिए चार मंत्रियों को इन देशों में भेजा गया है.

बागची ने कहा है कि विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने रूस और यूक्रेन के राजदूत से बात करके भारतीयों को वहां से सुरक्षित तौर पर निकालने में मदद करने का आग्रह किया है. भारत के रूस और यूक्रेन में मौजूद राजदूतों ने वहां की सरकारों से मदद की मांग की है.

कांग्रेस की सलाह

कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने यूक्रेन में एक भारतीय छात्र की मौत पर दुख व्यक्त किया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि वे चुनाव के बजाए यूक्रेन से भारतीय छात्रों को निकालने पर अपना ध्यान केंद्रित करें. अधीर रंजन चौधरी ने ट्वीट कर लिखा है- यूक्रेन में भारतीय छात्र की दिल दहला देने वाली मौत की घटना से स्तब्ध और व्यथित हूँ. नरेंद्र मोदी जी को चुनाव के बजाए यु्द्धग्रस्त यूक्रेन ने भारतीय छात्रों को निकालने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.

उन्होंने कहा है कि यूक्रेन की स्थिति बद से बदतर हो रही है. पूरा देश भारत के असहाय छात्रों के साथ खड़ा है। ईश्वर उनकी रक्षा करें. अब से कुछ देर पहले भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर ये जानकारी दी थी कि यूक्रेन के खारकीएव में एक भारतीय छात्र की मौत हो गई है. उन्होंने भारतीयों को सुरक्षित निकालने की भारत की मांग दोहराई. भारत कई विमानों से भारतीय नागरिकों को यूक्रेन से निकाल चुका है. लेकिन माना जा रहा है कि अब भी बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक यूक्रेन में हैं.

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