चीन की ‘नापाक’ साजिश का खुलासा! ड्रैगन कर देता देश की बत्ती गुल?

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने कहा है कि चीन ने दिसंबर 2021 से लद्दाख में स्थित रणनीतिक पावर ग्रिड को हैक करने के लिए तीन बार साइबर हमले किए लेकिन वह सफल नहीं हो पाया. उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थितियों से निपटने के लिए की गई सुदृढ़ व्यवस्था के चलते चीन अपनी इस मंशा में नाकाम रहा.

दिल्ली में स्वच्छ ऊर्जा मंत्रिस्तरीय बैठक से इतर आरके सिंह ने चीन की ओर से साइबर हमले की बात को स्वीकार किया और कहा कि इस तरह के हमलों का सामना करने के लिए भारत का डिफेंस बहुत मजबूत है. उन्होंने कहा, ‘साइबर हमलों के खिलाफ हमारी रक्षा मजबूत है. ये दिसंबर, जनवरी और फरवरी में हुए थे. वे सफल नहीं हुए.

क्या है पावर ग्रिड?
पावर ग्रिड बिजली लाइनों का एक नेटवर्क होता है. इसके जरिये ही बिजलीघर से ग्राहकों तक बिजली की सप्लाई सुनिश्चित की जाती है. घर हो या दफ्तर या फिर फैक्ट्री, इन्हीं लाइनों के जरिये ही बिजली आप तक पहुंचती है. इसके लिए जिस नेटवर्क का इस्‍तेमाल होता है, उसे ही पावर ग्रिड कहा जाता है. एक तरह से कहें तो बिजली आप तक पहुंचने से पहले तीन चरणों से गुजरते हैं. पहला चरण पावर जनरेशन, दूसरा चरण और तीसरा चरण पावर डिस्ट्रीब्यूशन.

देश में कितने ग्रिड हैं?
देश में कुल पांच पावर ग्रिड हैं – नॉर्दर्न ग्रिड, ईस्टर्न ग्रिड, नॉर्थ-ईस्टर्न ग्रिड, वेस्टर्न ग्रिड और सदर्न ग्रिड. यूं तो ये ग्रिड अलग अलग काम करते हैं. ये ग्रिड अपने इलाके के राज्यों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं. पर ये ग्रिड आपस में जुड़े हैं. इसलिए, जब जरूरत पड़ती है, देश के किसी भी हिस्से बिजली कहीं भी पहुंचाई जा सकती है. इंटरकनेक्टेड ग्रिड होने का यही फायदा होता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.