फेक न्यूज सूचना युद्धनीति का ही हिस्सा, व्यापक स्तर पर नीति बनाने की जरूरत

नई दिल्लीः मुस्लिम स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन द्वारा ‘फेक न्यूज़ और हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य’ नाम से एक ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत टंडन और वसीम अकरम त्यागी ने बतौर विशेषज्ञ शिरकत की। एमएसओ द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का संचालन एमएसओ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शुजात अली क़ादरी द्वारा किया गया।

कार्यशाला अपने विचार रखते हुए डॉ. शुजात क़ादरी ने कहा कि फेक न्यूज़ से लड़ना हर भारतीय की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग संगठनों एंव विचारधारा से संबंध रखने की वजह से हमारे मतभेद हो सकते हैं लेकिन राष्ट्र की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

एमसएसओ द्वारा आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत टंडन ने कहा कि फेक न्यूज़ उन पूंजीवादी देशों की उपज है जो हथियारों के निर्माता एंव सप्लायर हैं। प्रशांत टंडन ने कहा कि भारत में मुसलमानों के ख़िलाफ अक्सर फेक न्यूज़ फैलाईं जातीं हैं, ये फेक न्यूज़ अधिकतर एक पार्टी विशेष के आई.टी. सेल द्वारा फैलाई जाती हैं। ताकि समाज में तनाव पैदा हो। उन्होंने कहा कि फेक न्यूज़ सिर्फ राजनीतिक पार्टियों का ऐजेंडा नहीं है बल्कि यह हथियार बनाने वाले देशों का नेटवर्क है।

 

एमएसओ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर शुजात अली क़ादरी ने इस दौरान समाज से अपील करते हुए कहा कि समाज से नफ़रत का ख़ात्मा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हिंदु समाज के बारे में कोई ह्वाटसप फॉरवर्ड किसी मुस्लिम को प्राप्त होता है तो पहले उसके बारे में अपने हिंदु मित्र से पता कर ले, ऐसा ही मुसलमानों को लेकर अगर कोई ह्वाटसप फॉरवर्ड प्राप्त होता है तो उसके बारे में भी कंफर्मेशन कर लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्विट ने यह  सुविधा दी हुई है कि चाहे जितनी बार आप अपनी आईडी का नाम बदल सकते हैं, इसी का फायदा उठाकर समाज में फेक न्यूज़ परोसा जा रहा है। डॉ. क़ादरी ने कहा कि एक नागरिक के तौर पर हमारी यह ज़िम्मेदारी बनती है कि हम फेक न्यूज़ से बचें, उसे प्रचारित प्रसारि करने से बचें।

इस दौरान पत्रकार वसीम अकरम त्यागी ने विस्तार से समझाया कि किस तरह भारत को, पाकिस्तान और चीन प्रायोजित फेक न्यूज का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि गृहमंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक़ बीते एक वर्ष में  भारत पर साइबर हमलों की संख्या में तीन सो प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बीते वर्ष जब दुनिया कोरोना से जूझ रही थी तब चीन और पाकिस्तान की शह पर भारत पर साइबर हमले किये जा रहे थे।

वसीम अकरम त्यागी ने कहा कि फेक न्यूज़ एक तरह से सूचना युद्ध की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि हम तमाम भारतीयों को सबसे पहले दुश्मन देशों के इस ऐजेंडो को नाकाम करना होगा। त्यागी ने कहा कि समाज में सद्धभाव के बिना देश तरक्की नहीं कर सकता, इसलिये किसी भी ह्वाटसप को मैसेज को फॉवर्ड करने से पहले उसकी पड़ताल कर लिया करेँ।