स्विस बैंक में एक साल में तीन गुना से ज्यादा बढ़ा भारत का कालाधन, कांग्रेस ने मांगा जवाब

नयी दिल्लीः कांग्रेस ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिस बैंक में जमा काले धन को वापस लाने के वादे के साथ सात साल पहले सत्ता में आये थे उन्हीं मोदी राज के दौरान 2020 में भारतीयों ने स्विस बैंक में 20 हज़ार 700 करोड़ रुपये जमा कराएं हैं। कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने शुक्रवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारतीयों ने 2020 में जो राशि स्विस बैंक में जमा की है वह 2019 की तुलना में करीब 40 प्रतिशत अधिक है जो पिछले 13 साल में सबसे ज्यादा है।

उन्होंने कहा कि 2020 में स्विस बैंकों में कुल जमा राशि वर्ष 2019 की तुलना में 286 प्रतिशत हो गई। इस तरह से कुल जमा राशि 2007 के बाद सबसे ऊँचे स्तर पर है। स्विस बैंक ने गुरुवार को जो डेटा जारी किया है उसमें जो खुलासा हुआ है उससे प्रदर्शित होता है कि भारतीय नागरिकों द्वारा स्विस बैंक में की गई जमा धनराशि 2019 की तुलना में 2020 में 39 प्रतिशत बढ़ी है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि वर्ष 2014 में सत्ता में आने से पहले भाजपा ने दावा किया था कि देश के काली कमाई करने वाले लोगों के 17.5 लाख करोड़ रुपए अकेले स्विट्जरलैंड के बैंकों में जमा है। भाजपा ने यह काला धन वापस लाने और हर भारतीय के खाते में 15 लाख रुपये डालने की बात कही थी।

प्रो. गौरव वल्लव ने कहा कि पिछले सात साल में मोदी सरकार ने केवल खोखले दावे किए हैं और यह हर बार की तरह वो अपनी बात पूरी करने में विफल रही है। उन्होंने सरकार से उन लोगों के नामों का खुलासा करने को कहा है जिन्होंने पिछले साल स्विस बैंकों में अपना पैसा जमा कराया है। उनका कहना था कि जहां 97 प्रतिशत भारतीय और ज्यादा गरीब हो गए तो ये वो कौन लोग हैं, जो ‘आपदा में अवसर’ खोज रहे हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने सरकार से इस सवाल का जवाब देने को भी कहा है कि वर्ष 2014 में बड़े-बड़े वादों के बूते सरकार बनाने के बाद मोदी सरकार ने काला धन वापस लाने के लिए क्या प्रयास किए हैं और काला धन विदेशी बैंकों में नहीं छिपाने के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही पार्टी ने सरकार से पिछले वर्षों में स्विस बैंकों में जमा कराई गई पूरी धनराशि की प्रकृति, धनराशि जमा कराने वाले लोगों का नाम तथा विवरण जारी करने की मांग की है।