टारगेट किलिंग के कश्मीरी पंडित टीचर्स को बड़ी राहत, सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम

टारगेट किलिंग से कश्मीरी पंडित एक बार फिर से पलायन करने को मजबूर हो गए हैं. कश्मीर में टारगेट किलिंग (Target Kilings) के बीच स्थानीय सरकार की ओर से कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा के लिए एक अहम कदम उठाया गया है. श्रीनगर के विभिन्न इलाकों में तैनात कश्मीरी पंडितों का जिला मुख्यालय में ट्रांसफर या फिर समायोजन कर दिया गया है.

इस खबर में ये है खास

  • 177 शिक्षकों का हुआ ट्रांसफर
  • 1800 कश्मीरी पंडितों ने छोड़ी घाटी
  • अमित शाह ने की हाई लेवल बैठक

177 शिक्षकों का हुआ ट्रांसफर

सरकार ने श्रीनगर में तैनात 177 कश्मीरी पंडित शिक्षकों की मांग के बाद सुरक्षित स्थानों पर तबादला करने का आदेश जारी किया है. यह आदेश गृहमंत्री अमित शाह की हाई लेवल मीटिंग के एक दिन बाद आया है. मोदी सरकार ने पीएम विशेष पैकेज के तहत घाटी में एक बार फिर से कश्मीरी पंडितों को बसाने की कोशिश शुरू की थी. कश्मीरी पंडितों को सरकारी नौकरी देकर कश्मीर में भेजा गया था. लेकिन आतंकियों ने उनकी हत्याएं शुरू हो गईं. जिससे कश्मीरी पंडित फिर से कश्मीर से पलायन करने को मजबूर हो गए थे.

1800 कश्मीरी पंडितों ने छोड़ी घाटी

बीते कुछ महीनों से टारगेट किलिंग की नापाक हरकतों से घाटी की मिट्टी लाल हो चुकी है. कश्मीरी हिंदुओं में इस बात का डर है कि पता नहीं, कौन, कब, कहां से गोली मार दे. सूत्रों के अनुसार घाटी में करीब 8 हजार कर्मचारी हैं, जिनमें से करीबी 1800 ऐसे हैं जिनके साथ करीब 3 से 4 पारिवारिक सदस्य भी हैं. करीब 1300 को ट्रांजिट कैंप में आवासीय सुविधा मिली है जबकि बाकी के किराए के घरों में रह रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक 12 मई को राहुल भट की हत्या के बाद से करीब 1800 कश्मीरी पंडित घाटी से जम्मू की ओर पलायन कर चुके हैं.

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