मीना हैरिस ने अपनी तस्वीर जलाने पर दी प्रतिक्रिया, ‘ भारत में मेरी तस्वीर जलाई जा रहीं हैं, अगर मैं वहां रहती तो क्या करते?

नई दिल्लीः अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमाला हैरिस की भतीजी और  पेशे से वकील मीना हैरिस ने एक बार फिर भारत को लेकर ट्वीट किया है। दरअस्ल मीना हैरिस ने भारत में चल रहे किसान आंदोलन को अपना समर्थन दिया था। इसके बाद भारत के हिंदुवादी संगठनों ने मीना हैरिस के विरोध में उनके और स्वीडन की पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग पोस्टर जलाए थे। अब मीना हैरिस ने अपनी तस्वीर जलाए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

मीना हैरिस ने तस्वीर जलाने वाले हिंदुवादी संगठनों पर निशाना साधते हुए लिखा कि- ‘अतिवादी भीड़ की ओर से अपनी फोटो को जलाते देखना अजीब है, लेकिन सोचिए कि अगर हम भारत में रह रहे होते तो वे क्या करते। मैं आपको बताती हूं- 23 साल की एक लेबर राइट एक्टिविस्ट नवदीप कौर को गिरफ्तार किया गया और पुलिस कस्टडी में टॉर्चर किया गया और उनके साथ यौन हिंसा भी की गई। उन्हें बिना जमानत के 20 दिन से हिरासत में रखा गया है।’ इसकी साथ मीना हैरिस ने #ReleaseNodeepKaur हैशटैग पर भी ट्वीट किया है।

मीना हैरिस ने एक के बाद एक किये गए ट्वीट में लिखा- ‘यह बात सिर्फ कृषि नीतियों की नहीं है। यह मुखर धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार का मामला है। यह पुलिस हिंसा, चरम राष्ट्रवाद और मजदूरों के अधिकारों पर हमले का मुद्दा है। यह वैश्विक निरंकुशता है। मुझे अपने मामलों से अलग रहने को ना कहें। ये हम सभी के मुद्दे हैं।

भारत में रातों रात पैदा हुए अपने विरोधियों की ओर से पोस्टर जलाए जाने पर मीना हैरिस ने कहा कि वहां मीडिया में कुछ इस तरह छप रहा है- ‘बहादुर भारतीय पुरुषों ने किसानों का समर्थन करने वालीं महिलाओं के पोस्टर जलाए। और आपको लगता कि यह सामान्य है।’

क्या था मामला

जानकारी के लिये बता दें कि सबसे पहले तीन फरवरी को मीना हैरिस ने ट्वीट कर कहा था- ‘ये महज एक संयोग नहीं है कि दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र पर (अमेरिका) पर एक महीने पहले ही हमला हुआ और अब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर खतरा है। ये दोनों घटनाएं जुड़ी हुई हैं। हमें भारत में आंदोलनरत किसानों के खिलाफ सुरक्षा बलों की हिंसा और इंटरनेट बंद किए जाने को लेकर आक्रोशित होना चाहिए।’

इसके बाद अगले दिन यानी चार फरवरी को मीना हैरिस ने एक ट्वीट में लिखा था- ‘मैं अब भी किसानों के साथ हूं और उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन करती हूं। कितनी भी नफरत, धमकी और मानवाधिकारों का उल्लंघन इस चीज को नहीं बदल सकता।’