ओवैसी बोले ‘बीवी पर ज़ुल्म करना मर्दानगी नहीं, समाप्त होना चाहिए शादियों से दहेज का चलन’

नई दिल्लीः गुजरात के अहमदाबाद की आयशा ने कथित तौर से दहेज की मांग से तंग आकर पानी में कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना पर ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलेमीन के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का बयान आया है। उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए समाज में दहेज के चलन को समाप्त करने का आह्वान किया है। उन्होंने इस्लाम का हवाला देते हुए उन लोगों को फटकार लगाई है जो दहेज के लिये महिलाओं को प्रताड़ित करते हैं।

एक जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि बीवी पर अत्याचार करना, उससे दहेज की मांग करना, पैसे की मांग करना मर्दानगी नहीं है। उन्होंने पैगंबर ए इस्लाम की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए दहेजलोभियों को सख्त हिदायत दी है कि ऐसा करने वाले लोगों को क़यामत से अल्लाह से डरना चाहिए। असद ओवैसी ने कहा कि आज हालात ऐसे हो गए हैं कि मुझसे कई बुजुर्गों ने धीरे से कहा कि ज़िंदगी के आखिरी पड़ाव में बेटियों की शादी करना चाहता हूं, कुछ मदद कीजिए। असद ओवैसी ने कहा कि दहेज के लिये महिलाओं पर अत्याचार करना इंसानियत और इस्लाम की शिक्षाओं के खिलाफ है।

बता दें कि हाल ही में राजस्थान की एक नवविवाहित युवती ने पानी में कूदकर आत्महत्या कर ली थी, उसने आत्महत्या से पहले अपना वीडियो भी बनाया था, जिसमें उसने अपनी विपदा बताई थी। आयशा नाम की इस युवती की शादी गुजरात के अहमदाबाद में आरिफ ख़ान नाम के युवा से हुई थी। आयशा के पिता का कहना है कि उसे दहेज के लिये प्रताड़ित किया जा रहा था, बारा दहेज की मांग के कारण उसके साथ ससुराल में मारपीट भी हुई थी।

आयशा द्वारा आत्महत्या करने के बाद सोशल मीडिया पर दहेज के खिलाफ अभियान चला हुआ है। समाज के प्रबुद्ध वर्ग दहेज के खिलाफ अभियान चला रहे हैं, और आयशा की मौत के लिये समाज के दहेज लोभियों को जिम्मेदार बता रहे हैं।