Maharashtra Political Crisis: सियासी संकट के बीच शिंदे गुट पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, डिप्टी स्पीकर के नोटिस पर रोक की मांग

बागी शिवसेना विधायक एकनाथ शिंदे ने उन्हें अयोग्य ठहराए जाने संबंधी नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. शिंदे गुट ने सुप्रीम कोर्ट से विधानसभा के उपसभापति द्वारा विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई रोकने की मांग की है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सोमवार को सुनवाई करेगा.

याचिका में डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल के खिलाफ शिंदे कैंप द्वारा भेजे गए अविश्वास प्रस्ताव को खारिज किए जाने का भी जिक्र किया गया है. याचिका में मांग की गई है कि जब तक डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल को हटाने के प्रस्ताव पर निर्णय नहीं हो जाता, तब तक अदालत को डिप्टी स्पीकर को अयोग्यता के मुद्दे पर कोई और कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दे.

बागी विधायकों को जारी किया गया था समन
शिवसेना के वकील-सह-कानूनी सलाहकार देवदत्त कामत ने कहा था कि महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष का पद रिक्त होने के चलते विधानसभा उपाध्यक्ष को फैसले लेने का पूरा अधिकार है. एक दिन पहले, महाराष्ट्र विधानसभा सचिवालय ने वरिष्ठ मंत्री एकनाथ शिंदे समेत शिवसेना के 16 बागी विधायकों को ‘समन’ जारी किया था और उन्हें अयोग्य ठहराए जाने की मांग वाली शिकायतों के संबंध में 27 जून की शाम तक लिखित जवाब देने को कहा गया था. 

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