महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक गिरफ्तार, मनी लॉंड्रिंग केस में गिरफ्तारी

सीनियर एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया है. सुबह की ईडी उनको पूछताछ के लिए अपने दफ्तर लाई थी. तकरीबन 8 घंटे की कड़ी पूछताछ के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने नवाब मलिक को अरेस्ट कर लिया है. ईडी ने नवाब मलिक पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके अंडरवर्ल्ड से रिश्ते बताए गए हैं. ईडी का कहना है जांच में बेनामी संपत्ति की जानकारी सामने आई है. ईडी का ये भी आरोप है नवाब मलिक जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं

नवाब मलिक की गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है. बीजेपी नवाब मलिक के इस्तीफे की मांग कर रही है साथ ही बीजेपी के नेता मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साध रहे हैं. उधर, एनसीपी ने भी बीजेपी और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है. पवार का आरोप है कि नवाब मलिक बीजेपी के खिलाफ खुलकर बोलते रहते हैं, केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हैं इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.

शिवसेना ने भी बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. शिवसेना नेता संजय राउत ने ईडी की कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. साथ ही उन्होंने ये भी आरोप लगाया है कि केंद्र के इशारे पर राजनीतिक विरोधियों को टारगेट किया जा रहा है. राउत ने कहा है कि वो एक-एक अफसर को एक्सपोज करेंगे.

नवाब मलिक की गिरफ्तारी ने महाराष्ट्र सरकार की मुसीबत बढ़ा दी है और खुद सीएम उद्धव ठाकरे एक्शन में आ गए हैं. वे आज शाम साढ़े छह बजे एनसीपी प्रमुख शरद पवार के मुलाकात करने वाले हैं.

मलिक ने अपने करियर की शुरुआत एक कबाड़ी के तौर पर शुरू की थी और कुछ साल पहले तक वे इससे जुड़े रहे हैं. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के रहने वाला नवाब मलिक का परिवार खेती-बाड़ी से जुड़ा था. परिवार के कुछ सदस्य कारोबार से जुड़े थे. नवाब मलिक ने अपना पहला लोकसभा चुनाव कांग्रेस की तरफ से गुरुदास कामत और भाजपा की तरफ से प्रमोद महाजन के खिलाफ 1984 में लड़ा था. उस समय मलिक की उम्र सिर्फ 25 साल थी.

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